नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश की सरकार राज्य को पोल्ट्री हब बनाना चाहती है. इसके लिए जरूरी है कि ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी इलाकों में मुर्गी पालन को बढ़ावा दिया जाए. अंडा और मीट उत्पादन के लिए पाली जा रही मुर्गी और मुर्गे के फार्म की संख्या बढ़ाई जाए. इससे किसानों को भी फायदा होगा और राज्य में अंडा उत्पादन बढ़ने से दूसरे राज्यों पर से निर्भरता भी कम होगी. साथ ही मीट प्रोडक्शन बढ़ने से भी फायदा मिलेगा. इसके लिए पशुपालन विभाग उत्तर प्रदेश कोशिशों में जुट गया है. जिसके तहत प्रदेश में पहला पोल्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किया जा रहा है.
असल में इस सेक्टर में भी कई परेशानियां हैं. बर्ड से बेहतर प्रोडक्शन लेने के लिए जरूरी है कि उन्हें सही फीड दिया जाए, उनकी देखभाल की जाए. जब नए लोग इस सेक्टर से जुड़ेंगे तो उन्हें तमाम जानकारी मुहैया कराना भी जरूरी है. ताकि वो इस काम में आएं तो सिर्फ फायदा ही मिले. यही वजह है कि उत्तर प्रदेश में पहला पोल्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित होने जा रहा है. जिसके एक नहीं कई फायदे होंगे.
15 और 16 को होगा कॉन्कलेव
पशुपालन विभाग उत्तर प्रदेश की तरफ से 15 और 16 अप्रैल को मार्स हॉल, इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमती नगर, लखनऊ में पोल्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित होगा.
ये प्रदेश का पहला पोल्ट्री कॉन्क्लेव होगा. पोल्ट्री क्षेत्र के सभी हितधारकों के लिए ये एक सुनहरा अवसर होगा और इससे पोल्ट्री सेक्टर की प्रगति होगी.
मुख्य आकर्षण की बात करें तो तकनीकी सत्र आयोजित होगा. जिसमें उद्योग विशेषज्ञों द्वारा नवीनतम तकनीकों, चुनौतियों एवं भविष्य के अवसरों पर व्याख्यान एवं पैनल चर्चाएं होंगी.
किसान एवं उद्यमी सहयोग के तहत सरकारी योजनाओं पर मार्गदर्शन, व्यावहारिक समाधान एवं विशेषज्ञों के साथ सीधा संवाद होगा.
नेटवर्किंग, निवेश एवं सफलता की कहानियों के तहत हितधारकों से जुड़े साझेदारों के साथ चर्चा होगी. श्रेष्ठ प्रथाओं व सफलता की कहानियां भी पता चलेंगी.
कौन ले सकता है इसमें हिस्सा
पोल्ट्री पालक, हैचरी मालिक, पोल्ट्री उद्यमी, स्टार्टअप, पोल्ट्री विशेषज्ञ, पोल्ट्री वैज्ञानिक एवं शोधकर्ता, पोल्ट्री पशु चिकित्सक विशेषज्ञ और पशुचिकित्सा विज्ञान के छात्र इसमें हिस्सा ले सकेंगे.
रजिस्ट्रेशन बिल्कुल फ्री है. ज्यादा जानकारी लेने के लिए uppoultrypolicy2022@gmail.com और 9412674414, 8279376749, 9451522696 पर संपर्क कर सकते हैं.
बता दें कि इस पूरे इवेंट का आयोजक पशुपालन विभाग है लेकिन पोल्ट्री इंडिया को इसका समर्थन भी हासिल है.
निष्कर्ष
एक्सपर्ट का कहना है कि इससे पोल्ट्री सेक्टर को फायदा होगा. इससे जुड़े लोगों को जहां आगे बढ़ने का मौका मिलेगा तो वहीं नए लोगों के आने से पोल्ट्री सेक्टर ग्रोथ करेगा.










