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Poultry: 90 दिनों में तैयार हो जाती है सोनाली मुर्गी, मिलता है तगड़ा दाम

sonali murgi
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. पोल्ट्री फार्मिंग का बिजनेस मीट और अंडा दोनों के ही उत्पादन के लिए किया जाता है. यदि आप मीट उत्पादन के लिए देसी नस्ल की मुर्गी पालना चाहते हैं तो सोनाली मुर्गी सबसे बेहतर हो सकती है. क्योंकि इसका मीट भी बेहतरीन क्वालिटी का होता है और इसका दाम भी अच्छा मिलता है. इस लिहाज से देखा जाए तो सोनाली मुर्गी का पालन पोल्ट्री फार्मिंग में ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है. एक्सपर्ट का कहना है कि यदि पोल्ट्री फार्मिंग करना चाहते हैं तो सोनाली नस्ल की मुर्गी को पालकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.

केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान (CARI) के एक्सपर्ट ने लाइव स्टॉक एनिमल न्यूज
(Livestock Animal News) को बताया कि यदि 300 सोनाली नस्ल की मुर्गी का पालन किया जाए तो इससे अच्छा खासा मुनाफा पोल्ट्री फार्मर्स को हो सकता है. आइए यहां जानते हैं कि ये कितने कितनों में तैयार होती है और इससे जुड़ी हुई अन्य अहम जानकारी भी यहां हम आपको बताएंगे.

कितना फीड लगता है
मान लीजिए अपने 300 सोनाली की चूजों को पाला है और उन्हें एक दिन से लेकर 20 दिनों तक लगातार फीड देने पर तकरीबन 70 किलो फीड की खपत होगी.

इस लिहाज से देखा जाए तो 70 से 90 दिनों में 2800 किलो फीड खाकर सोनाली मुर्गी तैयार हो जाएगी.

बता दें कि इन चूजों को देसी मुर्गियों के लिए जो दाना आता है वो ही खाने के लिए दिया जाता है. इसी को खाकर वो अच्छी ग्रोथ हासिल कर लेते हैं.

इस दौरान इस बात का भी ख्याल रखना है कि रानीखेत और आईबीडी की वैक्सीन जरूर लगवा दें. क्योंकि मुर्गियों को इन दोनों बीमारियों का खतरा रहता है.

इसके अलावा इन चूजों को समय-समय पर विटामिन और कैल्शियम भी खाने के लिए दिया जाना चाहिए.

यदि इस तरह से सोनाली के चूजों को पालेंगे तो 20 दिनों में उनका वजन 250 ग्राम हो जाएगा.

बता दें कि मांस के लिए तैयार किए जाने वाले चूजों का वजन 70 से 90 दिन में 1 किलो तक हो जाता है.

इसके बाद आप इसे मीट के लिए बेच सकते हैं और इससे आपको अच्छी कमाई भी हो सकती है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सोनाली मुर्गी का भाव अलग-अलग शहरों में अलग-अलग हो सकता है लेकिन आमतौर पर 230 से 300 रुपए प्रति किलोग्राम तक इसका मीट बिकता है.

निष्कर्ष
बता दें कि अन्य देसी मुर्गी की तुलना में यह थोड़ा महंगी मुर्गी होती है. क्योंकि इसका रेट अच्छा मिलता है. इसका मीत भी स्वादिष्ट माना जाता है. इसलिए इसको पालना फायदेमंद होता है.

Written by
Livestock Animal News Team

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